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भारतीय राजनीति की पाठ शाला डॉक्टर प्रणव मुखर्जी

राहुल गांधी जी जब अपने जूते उत्तार कर डॉक्टर प्रणव मुखर्जी को श्रद्धांजलि दी रहे थे तब कोई स्टंट या राजनितिक छलावा नही था वरन जो राहुल जी ने बचपन से जिस सख्शियत को  देखा की कोई बहुत महत्वपूर्ण व्यक्ति है जिसको दादी भी बहुत सम्मान देती है जिसको पाप ने भी बहुत सन्मान दिया जिसको मा ने भी हमेशा राय शुमारी में शामिल किया तो कोई बहुत महत्व का इंसान है जो कॉंग्रेस की तीनों पीढ़ियो को राय देता है उस राजनयिक उठापठक का हिस्सा होता जो कि जिसके बिना आज देश का आर्थिक ढाँचा चरमरा जाता ।

मेरा आज  का लेख डॉक्टर प्रणव मुखर्जी को सिर्फ मेरे अपने जीवन के उस ज्ञान पर आधारित है जो मेने खुद देखा समजा ओर एक बात मुजे हमेशा से समझ आयी कि डॉक्टर प्रणव मुखर्जी बहुत महत्वपूर्ण इंसान है और जो देश में हमेशा एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी ओढ़ते आये है । ओर हम सब जानते है कि भारत मे अगर राजनीति की बात होती है तो डॉक्टर प्रणव मुखर्जी के बिना बात पूरी नही हो सकती है।

डॉक्टर प्रणव मुखर्जी ने कानून की पढ़ाई कीथी ओर देश के आर्थिक ढांचे में सुगड़ता लाने में बहुत महत्व भूमिका निभाई ।

भारत के राष्ट्र पति।

1969 में इंदिरा गांधी ने उनको राज्यसभा से कोंग्रेस किस सीट पर भेजा।

2019 में उनको भारत रत्न की उपाधि मिली

1973  में इंदिरा गांधी जी की कैबिनेट में मिनिस्टर रहे

1982 से 1984 में वित्त मंत्री

राज्य सभा के लीडर रहे 1980 से 1985

1991 प्लानिंग कमीशन हेड

1921 से बहुत महत्वपूर्ण स्थान पर रहे

रक्षा मंत्री

लीडर ऑफ हाउस

वित्त मंत्री

पी ए संगमा को हरा कर राष्ट्र पति बने

डॉक्टर प्रणव मुखर्जी एक अनवरत राजनीतिक जीवन मे सफल रहे  परिवार के मामले में भी बहुत संजीदा रहे और सार्वजनिक जीवन मे भी स्वच्छ रहे।डॉक्टर प्रणव मुखर्जी के जीवन को जानना ओर समजना प्रमुख है ।

अगर राजनीति के पाठ सीखने है तो डॉक्टर प्रणव मुखर्जी आप के आदर्श है।

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