Blog Details Title

जब लोग कम और काम अधिक महत्वपूर्ण होने लगे।

कभी मज़ाक या बस युही आप किसी के बारे में लिखे बोले या सोचे तो चलता है। ऐसा करने से आप को आनंद आये और कुछ सकारात्मक हार्मोन्स शरीर मे दौड़ जाए तो ठीक है यह व्यंग हो सकता है । या कटाक्ष भी ।अगर आप लिखते है तो लिखते रहे। एक मजाक भी । एक सीख या बस आप को मजे लेने है तब तो ठीक है पर असल मे  लोगो का व्यवहार आप के लिए महत्वपूर्ण नही होना चाहिए।  हमारे दिल्ली विश्वविद्यालय में  जूलॉजी विभाग में बहुत जाने माने प्रोफेसर है। प्रोफेसर उमेश राय जी के सामने में एक बार मे एक समस्या ले कर उनसे मिली तब सर ने एक बात कही जो मुजे हमेशा याद है और जीवन भर याद रहेगी।प्रोफेसर उमेश राय सर ने कहा  की क्या तुम इस बात को ले कर दुखी ह्यूई की कुर्सी का आकार प्रकार ऐसा क्यो है।इसी तर्रह हर इंसान का भी आकर प्रकार होता है जो जुठ बोलता है बोलेगी जो दहेज लेते है वो लेंगे जिसको महिलाओ के पीछे भागने का है वो भागेगा। फिर दुखी क्यो होना। जो लोग अभी परिपक्व नही हुए है वो लोगो के व्यवहार को लेकर दुखी है वरना एक अनुभवी इंसांकभी भी लोगो के व्यवहार से दुखी नही होता।

लोग आपके जीवन मे कभी भी महत्वपूर्ण नही होने चाहिए। लोग जो करेंगे करेंगे । आप अपने काम पर ध्यान दो ।
काम बड़ा होता है इंसान नही जो दूसरो को महत्व दे जिसको जो करना है करे आप अपने को देखे बस। लोग आएंगे जाएंगे। और जो औरत बाज़ है उसको उसी किस्म की औरते भी मिलती रहेगी। आप ये ना समजे की उसको अकाल पड़ने वाला है।
कुछ किताबे जैसे कि डेल कारनेगी की हाऊ टू विन फ्रेंड्स एंड इन्फ्लूएंस पीपल।  पीले की चिंता मुक्त कैसे हो।  एस्थेर , जॉन गोटमन , या अच्छे साक्षात्कार सुने जैसे कि इम्पैक्ट थ्रोरी, ओर भी दुनिया के वेहतरीन लोगो के साक्षात्कार सुन सकते है। जब आप लोगों को अपने जीवन में कम महत्व देने लगे तब आप समजलीजिये की आप का मानसकि स्तर ऊपर उठरहा है।
कभी कभी मज़ाक के रूप में चुग़लखोरी चलेगी।
  • Related Tags:

Leave a comment